मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
भारत के साथ संबंधों में मतभेदों की अपेक्षा ज्यादा हैं साझा हित : ली PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Monday, 20 May 2013 18:09

बीजिंग। चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने कहा है कि उनकी मौजूदा भारत यात्रा दुनिया को यह जताने के लिए है कि दोनों देशों के बीच परस्पर राजनीतिक भरोसा मजबूत हो रहा है और द्विपक्षीय संबंधों में मतभेदों की अपेक्षा अधिक साझा हित जुड़े हुए हैं, साथ ही इस धारणा को खारिज करना है कि हालिया सीमा विवाद को लेकर उनके संबंध प्रभावित हुए हैं।
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की नयी दिल्ली में हुयी बैठक का ब्यौरा देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने कहा कि ली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी भारत यात्रा पूरी दुनिया के सामने यह प्रदर्शित करने के लिए है कि चीन..भारत परस्पर राजनीतिक भरोसे में वृद्धि हो रही है और उनके व्यवहारिक सहयोग का विस्तार हो रहा है।
हांग के अनुसार ली ने कहा, ‘‘मैं इस यात्रा से पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि चीन और भारत के बीच परस्पर राजनीतिक भरोसा बढ़ रहा है, व्यवहारिक सहयोग का विस्तार हो रहा है और मतभेदों की तुलना में साझा हित ज्यादा हैं। ’’
हाल ही में लद्दाख की देपसांग घाटी में चीनी सैनिकों के घुसपैठ का जिक्र किए बिना हांग ने कहा कि


ली ने सिंह से कहा कि उनके साझा हित उनके बीच के विवादों और मतभेदों से उच्च्पर हैं। सिंह और ली के बीच कल हुयी बातचीत में यह मुद्दा शामिल था।
ली ने सिंह से कहा कि एशियाई देशों के बीच सहयोग को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने के अलावा विश्व अर्थव्यवस्था के लिए नया संचालक बनाने, एशिया और विश्व की खातिर विकास और बाजार की व्यापक संभावना देने के लिए दोनों देशों के पास इच्छाशक्ति, बुद्धि और क्षमता है। इसके साथ ही वे शांति और संपन्नता के लिए चीन..भारत रणनीतिक सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ा सकते हैं।
सिंह ने ली से कहा कि कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत भारत आने पर भारत सरकार और लोग सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
हांग के अनुसार सिंह ने कहा कि दुनिया में भारत और चीन के साझा विकास के लिए पर्याप्त स्थान है और दोनों देश विरोधी नहीं सहयोगी हैं।
सिंह ने कहा कि वैश्विक शांति और संपन्नता के लिए भारत और चीन के बीच सहयोग काफी महत्वपूर्ण है।
भाषा

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?