मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
जंक फूड के दिमाग पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम कर सकता है मछली का तेल PDF Print E-mail
User Rating: / 1
PoorBest 
Wednesday, 15 May 2013 14:43

लंदन। वैज्ञानिकों का कहना है कि जंक फूड के दिमाग पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को मछली का तेल कम कर सकता है। यूनिवर्सिटी आफ लीवरपूल के वैज्ञानिकों ने यह पता लगाने के लिए दुनियाभर के शोधपत्रों का विश्लेषण किया कि क्या इस बात के लिए पर्याप्त आंकड़ें उपलब्ध हैं जो यह बता सकें कि ओमेगा 3एस की वजन कम करने में कोई भूमिका थी।
पूर्व में किए गए अध्ययनों से संकेत मिलता है कि उच्च वसा युक्त भोजन नयी स्नायु कोशिकाओं को बनाने वाली न्यूरोजेनेसिस प्रक्रिया गड़बड़ा सकती है । लेकिन ओमेगा 3एस मस्तिष्क के खानपान, सीखने और स्मृति को नियंत्रित करने वाले हिस्सों को सक्रिय कर इन नकारात्मक प्रभावों को रोक सकता है ।
हालांकि 185 शोध पत्रों से मिले आंकड़ों ने खुलासा किया कि मछली के तेल का मस्तिष्क के इन इलाकों की इस प्रक्रिया पर धीरे कोई असर नहीं है लेकिन यह रिफाइंड


शुगर और सेचुरेटिड फैट की मस्तिष्क की शरीर की आहार लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने की क्षमता को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है ।
यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट आफ ऐजिंग एंड क्रोनिक डिजीज विभाग के डा Þ लूसी पिकवान्से ने बताया, ‘‘ शरीर का वजन कई तत्वों से प्रभावित होता है और इनमें से सर्वाधिक महत्वपूर्ण वे पोषक तत्व होते हैं जो हम भोजन के जरिए लेते हैं ।’’
उन्होंने बताया, ‘‘ कई सूक्ष्म पोषक तत्वों की अधिक मात्रा का सेवन और जंक फूड में पायी जाने वाली शूगर तथा सेचुरेटिड फैट वजन बढ़ा सकता है, मैटाबोलिजम को गड़बड़ कर सकता है और यहां तक कि यह दिमागी प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है ।
(भाषा)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?