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शिअद दायर कर सकता है भुल्लर के मामले में पुनरीक्षण याचिका PDF Print E-mail
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Monday, 15 April 2013 08:34

पटियाला (भाषा)। खालिस्तानी आतंकवादी देविंदर पाल सिंह भुल्लर की मौत की सजा घटा कर कम करने की उसकी याचिका सुप्रीम कोर्ट से से नामंजूर हो जाने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पुनरीक्षण याचिका दायर करने पर विचार कर रहा है। पार्टी महासचिव सुखदेव सिंह ढींढसा ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘राष्ट्रीय राजधानी में हमारे वरिष्ठ वकील सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाल पुनरीक्षण याचिका की संभावना पर गौर कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पार्टी अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल इस बारे में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अलग-अलग अनुरोध करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि जनता दल(एकी) ने प्रधानमंत्री के पद के लिए भाजपा के कद्दावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला गया है और ऐसे में शिअद का क्या रुख है, उन्होंने कहा कि यह काल्पनिक स्थिति है और जब राजग की बैठक बुलाई जाएगी, तब पार्टी अपनी राय देगी।
ढींढसा ने कहा कि भाजपा ने अब तक इस पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि शिअद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए तैयार है। पचहत्तर वर्षीय अकाली दिग्गज ने कहा कि


अगर पार्टी आलाकमान कहता है तो वे संगरू र संसदीय सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। इसी बीच चंडीगढ़ में कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि भुल्लर की मौत की सजा पर मुहर लगने के बाद शिअद के नेता अपनी छाती पीट रहे हैं और उसे बचाने के बयान जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं शिअद अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल को इस मुद्दे पर अपने रूख तथा अबतक अपनाये जा रहे विरोधाभासी दृष्टिकोण पर सफाई देनी चाहिए।’ सुप्रीम कोर्ट ने 12 अप्रैल को खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स के इस आतंकवादी का यह अनुरोध ठुकरा दिया था कि उसकी क्षमा याचिका पर फैसले में देरी के आधार पर उसका मृत्युदंड घटा कर उम्र कैद में बदल दिया जाए। भुल्लर को यहां सितंबर, 1993 के बम विस्फोट कांड में मौत की सजा सुनाई गई थी। इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी तथा युवक कांग्रेस अध्यक्ष एमएस बिट्टा समेत 25 अन्य घायल हुए थे।

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