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बाबा रामदेव से कोई निजी दुश्मनी नहीं: वीरभद्र PDF Print E-mail
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Wednesday, 06 March 2013 21:06

चंडीगढ़ (भाषा)। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में रामदेव के ट्रस्ट को पूर्व भाजपा सरकार द्वारा दी गई जमीन का आवंटन रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज आरोप लगाया कि भूमि हस्तांतरण एक ‘‘घोटाला’’ था और उनकी रामदेव से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘रामदेव से मेरी कोई निजी रंजिश नहीं है। जहां तक योग शिक्षा की बात है तो वह अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन इसमें राजनीति का घालमेल स्वीकार्य नहीं है। पतंजलि योगपीठ को भूमि हस्तांतरण अपने आप में एक घोटाला था।’’
उन्होंने कहा कि संबद्ध भूमि पटियाला के शाही परिवार की है और उसे ट्रस्ट को मनोरंजन और पर्यटन सुविधा के निर्माण के लिए दिया गया था, लेकिन ‘‘इस जमीन का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए


नहीं किया जा रहा, जिसके लिए इसे दिया गया था।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार ने राज्य की प्रतिष्ठा और संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया। बड़े पैमाने पर बेनामी भूमि सौदे और अन्य अनियमितताएं पिछली सरकार के शासन में हुईं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार की शिक्षा को निजी क्षेत्र को सौंपने की कोई योजना नहीं है क्योंकि सरकार ‘‘शिक्षा की दुकानें’’ बर्दाश्त नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं निजी क्षेत्र की भूमिका को स्वीकार करता हूं। निजी क्षेत्र में उन्हीं को मौका दिया जाना चाहिए, जो वास्तव में इसमें रूचि रखते हों। शिक्षा की दुकानें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

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