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नेताजी के परिवार ने ममता को पत्र लिखकर कहा: कोडालिया स्थित मकान नेताजी का नहीं PDF Print E-mail
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Wednesday, 27 February 2013 17:35

कोलकाता (भाषा)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्यों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इस बात को स्पष्ट किया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के कोडालिया स्थित उनका मकान कभी भी नेताजी का नहीं था और न ही यह इंडियन नेशनल आर्मी का था। सरकार रख-रखाव के लिए उस मकान को अपने कब्जे में लेना चाहती है।
बोस परिवार के 30 सदस्यों में ज्यादातर सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कहा गया है, ‘‘यह दो मंजिला मकान है जिसमें सिर्फ दो कमरे हैं। एक भूतल पर और एक प्रथम तल पर जो जानकी नाथ :नेताजी के पिता: के वंशजों का है। शेष इमारत दूर के रिश्तेदारों की है।’’
इसमें कहा गया है कि यद्यपि नेताजी इस मकान में आए थे लेकिन इस बात का कोई रिकार्ड नहीं है कि वह कभी रात में यहां ठहरे थे। इस मकान को उनके दादा ने दक्षिण 24 परगना जिले में 150 साल पहले बनाया था।
बोस परिवार के प्रवक्ता चंद्र कुमार बोस ने प्रेस ट्रस्ट से कहा, ‘‘नेताजी का जन्म कटक में हुआ था और उन्होंने अपना जीवन कई स्थानों पर बिताया। उन्होंने कभी अपना मकान


नहीं बनाया और अपने पिता या भाई के मकान पर ठहरे। एल्गिन रोड स्थित उनके पिता के मकान जहां उन्होंने अपने जीवन के कुछ साल गुजारे थे उसे पहले ही नेताजी भवन में तब्दील कर दिया गया है।’’
नेताजी के भतीजे के पुत्र बोस ने कहा, ‘‘वह :ममता: किसी के घर जाकर यह नहीं कह सकतीं कि नेताजी इसके बरामदे में टहलते थे इसलिए हम इसका अधिग्रहण करेंगे। इस मकान को जानकी नाथ बोस को समर्पित किया जाना चाहिए जो नेताजी के पिता होने के अलावा एक नामी बैरिस्टर थे।’’
वर्ष 1935 से एक पुरोहित मकान में रोजाना सुबह-शाम ‘नारायण सेवा’ :पूजा: करता है। यहीं पर परिवार दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा समारोह का आयोजन करता है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘नेताजी की मां प्रभावती बोस ने आदेश दिया था कि किसी भी परिस्थिति में यह बंद नहीं होना चाहए। गेट के पास स्थानीय लोगों के लिए एक डाकघर है लेकिन कई वर्षों से कोई किराया नहीं मिला है।’’

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