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तृणमूल कार्यकर्ता ने पंचायत कर्मचारी के कान काटे PDF Print E-mail
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Thursday, 21 February 2013 18:55

बहरामपुर । देशव्यापी हड़ताल के दौरान दफ्तर से गैरहाजिर रहने वाले एक ग्राम पंचायत कर्मचारी का तृणमूल के एक कार्यकर्ता ने उसका कान काट दिया।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कल देशव्यापी हड़ताल के दौरान दफ्तर से गैरहाजिर रहने वाले एक ग्राम पंचायत कर्मचारी पर आज तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कथित रूप से हमला किया और उसका कान काट दिया।
कांग्रेस, भाजपा एवं वामदल ने इसे ‘बर्बर’ एवं तालिबान तरह की कार्रवाई बताया जबकि तृणमूल ने अपनी संलिप्तता से स्पष्ट इनकार किया।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को कल शुरू हुई मजदूर संघों की दो दिवसीय हड़ताल के दौरान गैरहाजिर रखने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावर ने कर्मचारी हजरत उमर से पूछा कि जब वह जिले के जलांगी इलाके में अपने देबीपुर ग्राम पंचायत पहुंचने वाला था, तब वह क्यों गैरहाजिर था। उसके बाद उसने चाकू निकाला और उमर का कान काट डाला। कान से काफी खून बहने लगे। उसके बाद अन्य कर्मचारी उसे बहरामपुर सरकारी अस्पताल ले गए।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि उमर की हालत खतरे के बाहर है और उसकी स्थिति स्थिर है। जलांगी के प्रखंड विकास अधिकारी सुभेंदू राय ने कहा है कि हमलावर की तलाश जारी है।
उमर ने पुलिस को दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि हमलावर तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन


किया और दावा किया कि यह घटना मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी :माकपा: की अंदरूनी कलह का नतीजा है।
माकपा नेता युनूस सरकार ने आरोप लगाया कि उमर और कुछ अन्य पार्टी समर्थकों को पिछले दिनों तृणमूल ने हड़ताल के दौरान भी कार्यालय आने की धमकी दी थी।
केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने कहा, ‘‘यह घटना बर्बर है। ऐसा जान पड़ता है कि मानों हम तालिबान शासन में रह रहे हैं।’’
कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक ऐसे शासन की ओर बढ़ रहा है, जिस पर अंगुली उठाई जा सकती है।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि यह कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। भाकपा नेता गुरूदास दासगुप्त ने कहा, ‘‘यह बर्बरतापूर्ण है और उस आतंकवाद का उदाहरण है जिसमें सरकारी तंत्र शामिल होता है।’’
भाजपा नेता स्मृति ईरान महसूस करती हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था की चुनौती चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या वाम गुंडाराज का स्थान तृणमूल गुंडाराज ने ले लिया है।’’
तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने अपनी पार्टी की संलिप्तता बिल्कुल झूठ करार देते हुए दावा किया कि चूंकि उमर कल ड्यूटी पर नहीं आया तो हो सकता है कि ग्रामीण उससे नाराज रहे हों और उसी की वजह से ऐसा हुआ हो। (भाषा)

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