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पेले और अली की तरह टेनिस को अलविदा कहना चाहता हूं: पेस PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 September 2014 10:36


बंगलूर। भारत के महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा है कि वह पेले और मोहम्मद अली की तरह शीर्ष पर रहकर खेल को अलविदा कहना चाहते हैं।

पहले से अधिक फिट और छरहरे 41 साल के पेस ने कहा कि रियो ओलंपिक 2016 में पदक जीतने से उन्हें यह मौका मिलेगा।

पेस ने कहा, ‘रियो ओलंपिक में पदक जीतने से मुझे खेल को शीर्ष पर रहकर अलविदा कहने का मौका मिलेगा। मैं हमेशा मोहम्मद अली जैसे खिलाड़ियों को आदर्श मानता आया हूं जो शीर्ष पर रहते हुए खेल से विदा हुए। पेले, माइकल जोर्डन, कार्ल लुईस, राड लावेर सभी ने शिखर पर रहकर संन्यास लिया।’

ओलंपिक कांस्य और 14 गैंडस्लैम खिताब जीत चुके पेस का मानना है कि टेनिस खिलाड़ी के लिए दमखम और लचीलेपन में संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए चुस्ती सबसे अहम है। मेरा खेल रफ्तार और तेज रिफ्लैक्सेस पर निर्भर है लिहाजा मैं चोटमुक्त रहने पर जोर देता हूं। मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मेरी मांसपेशियां मजबूत रहें। आप जरू रत से ज्यादा ताकतवर और कम लचीले नहीं रह सकते। आपको टेनिस जैसे खेल में लचीला रहना ही होगा।’

पेस ने निजी जीवन में इस साल कठिन दौर झेला है जब बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी के लिए उन्हें अपनी पार्टनर रिया पिल्लई से कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। पेस ने इस विषय पर विस्तार से बात नहीं की लेकिन यह पूछने पर कि क्या इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा, उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल।’

पेस ने जोर दिया कि वह जानते हैं कि बड़े मंच पर प्रदर्शन करने और जीतने में क्या चाहिए होता है। उन्होंने कहा, ‘मैंने इतने सालों तक ऐसा किया है। मैंने इतने ऊंचे स्तर पर टेनिस खेला है कि मैं इससे वाकिफ


हूं कि ग्रैंडस्लैम जीतने में क्या चाहिए होता है, बड़े डबल्स मैच जीतने में क्या होता है, डेविस कप हालात में दबाव से निपटना क्या होता है, इस अनुभव से मुझे मदद मिली। उन्होंने स्वीकार किया कि लेकिन अंत में, मैं इंसान हूं और मैं वही भावनाएं महसूस करता हूं जो कोई अन्य कठिन समय के दौरान महसूस करेगा।’

यह पूछने पर कि क्या उनकी आठ साल की बेटी अयाना समझती है कि उसके माता-पिता के बीच क्या चल रहा है तो पेस ने ज्यादा कुछ नहीं बताया लेकिन वह एक चिंतित और सुरक्षा देने वाले पिता दिखाई दिए। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत ही जुनूनी पिता हूं। मैं सुनिश्चित करता हूं कि वह सुरक्षित रहे। साथ ही मैं अपने टेनिस के प्रति भी काफी जुनूनी हूं। हर इंसान जो मुश्किल हालात से गुजरता है, उसे विपरीत हालात से निपटना होता है।’

पेस ने कहा, ‘भगवान की कृपा है कि मेरे माता-पिता ऐसे हालात में मेरे पास हैं, मुझे उनका पूरा सहयोग है। मैं शुक्रगुजार हूं कि मेरे पास ऐसी टीम है जो मेरे साथ 20, 23 साल से है और मेरा सहयोग कर रही है। मेरे पास बेटी है जो बहुत मजबूत है और उसका मुझे बहुत ईमानदारी भरा संबंध है। जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही है, उसे मार्गदर्शन की जरू रत है। उन्होंने कहा कि मुझे सुनिश्चित करना होगा कि वह अपना दिन यह जानते हुए बिताए कि उसे अपने पापा और उसके पास जो भी हैं, उनका पूर्ण समर्थन है।’

पेस ने अमेरिकी ब्रायन बंधुओं (माइक और बाब) की तारीफों के पुल बांधे जिन्होंने हाल में ऐतिहासिक 100वां एटीपी खिताब जीता था। 


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