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युकी भांबरी की हार से डेविस कप में टूटी भारत की उम्मीद PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 September 2014 10:29

 

बंगलूर। डेविस कप विश्व ग्रुप में प्रवेश के लिए भारत का इंतजार जारी रहेगा चूंकि मेजबान को वर्षाबाधित प्लेआफ मुकाबले में सर्बिया ने 2-3 से हरा दिया जब युकी भांबरी निर्णायक पांचवां मुकाबला आसानी से हार गए। युकी को फिलीप क्राजिनोविच ने 6-3, 6-4, 6-4 से हराया। इससे 2010 चैंपियन सर्बिया ने विश्व ग्रुप में वापसी कर ली।


भारत को अब 2015 सत्र में एशिया ओशियाना जोन में ही खेलना होगा। भारत पिछली बार 2011 में विश्व ग्रुप में पहुंचा था जिसमें पहले दौर में उसे सर्बिया ने ही हराया था। बारिश के कारण रविवार को युकी और कारजिनोविच के बीच दूसरा उलट सिंगल्स मुकाबला नहीं हो सका था। इससे पहले सोमदेव देववर्मन ने डुसान लाजोविच को हराकर भारत को 2-2 से बराबरी पर पहुंचाया था।

युकी बिल्कुल भी फार्म में नजर नहीं आए और कई सहज गलतियां की। उनके पास दो बार अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस तोड़ने का मौका था लेकिन वह ऐसा कर नहीं सके। सुबह मुकाबला बहाल होने के समय वह 4-6, 4-4 से पीछे थे। उन्होंने आते ही अपनी सर्विस खोई और जब सर्विस तोड़ने का मौका था तो वह चूक गए। दूसरे सैट में उन्होंने दो ब्रेक पाइंट खोए जब क्राजिनोविच सर्विस पर था। दूसरी ओर क्राजिनोविच ने जबर्दस्त खेल


का प्रदर्शन किया और अपनी मर्जी से विनर लगाए। निर्णायक पांचवां मुकाबला पहली बार खेल रहे युकी दबाव में दिखे। उन्होंने तीसरे सैट के पहले ही गेम में सर्विस खोई। युकी तीन सर्विस गेम पर सिर्फ चार अंक बना सके। क्राजिनोविच को यह सैट भी जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

डेविस कप के 114 साल के इतिहास में सिर्फ 51 बार 0-2 से पिछड़ने के बाद किसी देश ने मुकाबला जीता है। भारत सिर्फ एक बार ऐसा कर सका है जब 2010 में उसने चेन्नई में ब्राजील को हराया था। उस समय सोमदेव ने चौथा और रोहन बोपन्ना ने पांचवां मैच जीता था। शुक्रवार को दोनों सिंगल्स मुकाबले हारने के बाद लिएंडर पेस और बोपन्ना ने डबल्स मुकाबला जीतकर भारत को मैच में लौटाया था। सोमदेव ने इसके बाद लाजोविच को हराकर 2-2 से बराबरी कर दी।

युकी ने मैच के बाद स्वीकार किया कि उसने कुछ गलतियां की। युकी ने मैच के बाद कहा, ‘मैंने जो कुछ भी किया, वह कारगर साबित नहीं हुआ। मैंने गलतियां दोहराई। मैंने अपने दस साल के क रियर में इतनी गलतियां नहीं की थीं जितनी इस सप्ताह कीं।’

(भाषा)

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