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महाकुंभ शुरू, संगम पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ PDF Print E-mail
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Monday, 14 January 2013 11:31

इलाहाबाद। दो महीने तक चलने वाले इस विशाल समागम की शुरुआत 13 अखाड़ों के पहले शाही स्नान के साथ हुई । नगा साधू गाजे...बाजे और जुलूस के साथ संगम पहुंचे।

धरती का सबसे बड़ा मेला कहा जाने वाला महाकुंभ आज सुबह यहां शुरू हो गया और मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा, यमुना तथा अदृश्य सरस्वती के संगम पर पवित्र स्नान के लिए सांधु...संतों, योगी...तपस्वियों और विभिन्न धार्मिक नेताओं सहित लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रही । उनके नेता सजे...धजे हाथियों, घोड़ों और रथों पर सवार थे ।
सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े का जुलूस निकला और फिर अटल अखाड़े का । इसके बाद निरंजनी, आनंद, जूना, आवाह्न और अग्नि अखाड़े की बारी थी ।
इनके बाद निर्वाणी अणी, दिगंबर अणी, निर्मोही, नया उदासीन, बड़ा उदासीन और निर्मल अखाड़े की बारी रही ।
अखाड़ों को स्नान के लिए उनके जुलूस के आकार के हिसाब से 30 मिनट से एक घंटे तक का निर्धारित समय दिया गया है । प्रतिद्वंद्वी अखाड़ों के सदस्यों को एक...दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए संगम तक जाने और वहां से लौटने के लिए अलग अलग मार्गों की व्यवस्था की गई है ।
यहां कल शाम से ही देशभर से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था । ठंडे मौसम के बावजूद लोगों का सैलाब उमड़ना जारी है । उन्हें पवित्र स्नान स्थल से कई किलोमीटर दूर ही अपने वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं और वे पैदल ही संगम तक पहुंच रहे हैं ।
श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए रविवार शाम से मंगलवार तक के लिए अधिकतर सड़कों पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई।
आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘शाही स्नान’ आज


सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ । संगम की ओर जाते अखाड़ों के जुलूसों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ थी ।
लोगों की भीड़ को जुलूस से दूर रखने के लिए अवरोधक लगाए गए थे ।
सुरक्षाकर्मी वाच टॉवरों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए नगा साधुओं के जुलूस पर खास नजर रखे हुए थे क्योंकि इस तरह के पिछले आयोजनो में उनके जुलूस के दौरान हिंसक झड़पें होती रही हैं ।
महाकुंभ हर 12 साल के अंतराल पर लगता है और यह 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा ।
प्रशासन यहां 2001 के पिछले महाकुंभ के मुकाबले इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या में 10 प्रतिशत के इजाफे की उम्मीद कर रहा है ।
दस फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन तीन करोड़ और बसंत पंचमी के मौके पर 15 फरवरी को 1.9 करोड़ श्रद्धालुओं के इलाहाबाद पहुंचने की उम्मीद की जा रही है ।
दलाई लामा, श्री श्री रविशंकर, बाबा रामदेव और आसाराम जैसे आध्यात्मिक नेताओं ने भी महाकुंभ में पहुंचने की योजना बनाई है ।
लोगों की भीड़, नगा संन्यासियों की मौजूदगी और जाने माने गुरुओं के दौरे के चलते पुलिस और प्रशासन पर भारी दबाव है ।
हाल के वर्षों में आतंकी हमलों की आशंका ने भी चुनौतियां बढ़ाई हैं ।
पुलिस महानिरीक्षक :इलाहाबाद: आलोक शर्मा महाकुंभ सुरक्षा प्रबंधों के नोडल अधिकारी बनाए गए हैं । उनके अनुसार रैपिड एक्शन फोर्स और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल सहित केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के सात हजार से अधिक कर्मी तैनात किए गए हैं । (भाषा)

 

 

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